ऐनी फ्रैंक एक यहूदी किशोरी थी जिसने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी उत्पीड़न से बचने के लिए एम्सटर्डम में अपने परिवार के साथ दो साल एक गुप्त एनेक्स () में बिताए। अपनी 13वीं वर्षगांठ पर मिले उपहार यानी अपनी डायरी को उसने अपना सबसे सच्चा मित्र माना और उसका नाम 'किटी' (Kitty) रखा।
अन फ्रैंक की डायरी के प्रकाशन के लिए उसके पिता, ओट्टो फ्रैंक ने काम किया। उन्होंने अपनी बेटी की डायरी को प्रकाशित करने के लिए कई वर्षों तक काम किया और आखिरकार 1947 में यह डायरी प्रकाशित हुई। anne frank diary pdf hindi